हजारों गीत लिखना चाहता हूँ ।
धुनों के बीच रहना चाहता हूँ ।१।
सितम जो हम पर ढाये इस जगत ने,
मैं उनको आज कहना चाहता हूँ ।२।
बहुत दौड़ा मैं दौलत के लिए ही,
गया अब थक, मैं रुकना चाहता हूँ ।३।
सुना लोगों से उनके मन की बातें,
मैं खुद के मन की सुनना चाहता हूँ ।४।
नगर के शोर से 'संतोष' ऊबा ।
मैं अब से गाँव रहना चाहता हूँ ।५।
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