" किताब "
काश ! मैं एक लेखक होता
मेरी लिखी हुई किताबें पूरे भारत में बिकती
लोग खरीदते ,पढ़ते और
ढेर सारी बातें करते जो मैंने लिखी है |
मेरी ख्वाहिश है ,
दुनिया में ज्यादातर लोग मेरा विरोध करें
मेरी लिखी हुई बातों को गलत ठहराये
मुझे नसीहत दे और भला-बुरा कहे.....क्योंकि
मेरी दिलचस्पी उस लड़की में है
जो तमाम विरोधों के बावजूद
अपने टूटे हुए गुल्लक से सिक्के बिन रही है
मेरी किताब खरीदने के लिए
जो जाड़े की धूप में बैठी पढ़ रही है
लोगों को जवाब देने के लिए |
" संतोषी यदुवंशी "
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