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जब कोई बिछड़ा हुआ अपना फिर मिला नहीं

                
                                                         
                            वो दर्द किसी का क्या जाने,
                                                                 
                            
जिसकी आँखों से कभी आँसू बहे नहीं,
दिल छलनी-छलनी हो जाता है,
जब कोई बिछड़ा हुआ अपना फिर मिला नहीं।
जिसने अपनों को खोया ही नहीं,
वो जुदाई का दर्द क्या जाने,
कुछ ज़ख्म दिखाई नहीं देते,
बस उन्हें महसूस करते हैं दीवाने।
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5 घंटे पहले

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