जो नशा करता है,
उसके लिए मैं क्यों सोचूँ?
वह खुद की भलाई के लिए नहीं सोच रहा है।
वह खुद को खतरे में डाल रहा है।
वह खुद का विनाश कर रहा है।
अगर वह अपने बारे में सोचता
तो वह कभी खुद को ऐसे मार नहीं सकता।
जब तक न वह खुद समझे,
तब तक मैं कैसे उसे समझाऊंगा?
नशे की चीजें अगर नहीं मिलेंगी
तो वह खुद को मारने से पहले
सभी को मार डालेगा!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X