जब भ्रष्टाचार,छल,कपट और जी हजूरी
हो गए संसार में इतनें जरूरी
तो अच्छी तरह से सबको आनें चाहिएं
बाकायदा सबको पढाऐ जानें चाहिएं
शिक्षा का उद्देश्य पूरा- कामिल होना चाहिए
पाठ्यक्रमों में आज इनको शामिल होना चाहिए
या पूर्णकालिक इनका कोई प्रशिक्षण होना चाहिए
योग्यता का इसमें भी परीक्षण होना चाहिए
बराबरी पर सबको पहले लाया जाना चाहिए
क्या और कितना करना है बताया जाना चाहिए
सिखाइए, परखिए और बाँटिए उपाधियाँ
फैल ही रही हैं तो फैलाइये ये व्याधियाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X