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भर जाता हूं

                
                                                         
                            अक्सर खाली बैठा बैठा
                                                                 
                            
भर जाता हूं

बे तरतीब खयालों से
बहके हुए सवालों से

बचपन की याद से
निकम्मे समाजवाद से

फिलस्तीन में मची तबाही से
नकली भीड़ की वाह वाही से

कर्मचारियों की शिकायतों से
बेकार हो गई आदतों से

भर जाता हूं

भर जाता हूं

भर जाता हूं

रोज दिखने वाले चेहरों से
हत्या बलात्कार की खबरों से

देश में मची बैचेनी से
दम तोड़ती उम्मीदों से

कहानियों से कविताओं से
मोटिवेशन की विधाओं से

भर जाता हूं ।

खाली लोग जो कुछ नहीं करते
अपना माथा कहीं नहीं रगड़ते

खुशी से दो रोटी खाते हैं
रील देख कर मस्त सो जाते हैं

मनोवैज्ञानिक बताते हैं
ऐसे लोग लंबी जिंदगी बिताते हैं

भरे हुए लोग
भरते जाते हैं
भरते जाते हैं
और फिर एक दिन
खाली मौत मर जाते हैं ।
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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