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क्योंकि माँ हूँ

                
                                                         
                            पीड़ा सहना, भूखे रहना,
                                                                 
                            
अथक परिश्रम दिन भर करना।
सह प्रताड़ना भी चुप रहना,
करना संघर्ष, क्योंकि मां हूं।

झाड़ू, चौका-चूल्हा, बर्तन,
करना, बच्चों में परिवर्तन।सास ससुर पति की सेवा में करो समर्पण क्योंकि मां हूं।

–संजय कुमार गुप्त ‘अबोध’
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45 मिनट पहले

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