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खुशी से बांधो प्यार

                
                                                         
                            आया रक्षाबंधन देखो,
                                                                 
                            
सजने लगे बाजार।
याद दिलाती है हमको,
यह भाई-बहन का प्यार।

सूत्र नहीं यह प्यार का बंधन,
बहन की रक्षा का अधिकार।
लो बहन! यह रही कलाई,
खुशी से बांधो प्यार।।

–संजय कुमार गुप्त ‘अबोध’
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एक घंटा पहले

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