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ताजी ढकी चीजों को खाकर, बन सकते हो वीर ।।

                
                                                         
                            मत खाना तुम चाट-पकौड़े,
                                                                 
                            
वरना होगे तुम बीमार ।
आइसक्रीम भी मत खाना,
हो जाएगा तुम्हें बुखार ।।

खुली बिकती जो भी चीज,
धूल भठी होती उन पर ।
कहाँ-कहाँ से मक्खियाँ आकर,
बैठी होती हैं उन पर ।।

सदा ढकी चीजें ही खाना,
पीना ढका हुआ तुम नीर।
खुली चीज तुम कभी न खाना,
हो खोवा या भले पनीर।।

घर की चीजें अच्छी होती,
सेंवई हो या खीर ।
ताजी ढकी चीजों को खाकर,
बन सकते हो वीर ।।

जंक-फूड खाने से भी,
बच्चों रहना बचकर ।
अधिक चटपटी तीखी-मीठी,
चीजों से भी रहना हटकर ।।

खान-पान पर ध्यान दिए तो,
सदा रहोगे स्वस्थ ।
कह अबोध यदि खाए कच-बच,
तो होगे तुम अस्वस्थ ।।
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एक घंटा पहले

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