उड़ेल दिया उसने
उसपर दिल की गागर
अपना तो अपना ही था
वो आनंद का सागर
-कुँवर संदीप सिंह
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X