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बनते हैं चालाक

                
                                                         
                            समझदार होशियार बुद्धिमान
                                                                 
                            
जब कारनामों से बनते हैं चालाक
हो जाते हैं ढाक के तीन पात
दिखावे में करें कितनी भी उछल कूद
कभी नहीं होती उनकी कहीं कोई पूछ
-कुँवर संदीप सिंह
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54 मिनट पहले

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