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यार आ जाता

                
                                                         
                            तड़पती रूह को कुछ तो करार आ जाता
                                                                 
                            
सिरहाने मौत से पहले जो यार आ जाता
सकु मिला है यकीनन उनको मेरे मरने से
मलाल झूठा ही सही चेहरे पे यार आ जाता
दिए हैं ज़ख्म जो उसने वो गहरे बहुत हैं,काश मरहम लगाने वो एक बार आ जाता।
बुझ रही है शमा मेरी आखिरी सांसों की,
रोशनी बनकर मेरा वो सायेदार आ जाता।गिला नहीं कि उसने मुझे बरबाद किया,
बस देखने तमाशा ही मेरा वो सितमगार आ जाता।
सजाया है जनाज़ा मेरा सबने मिलकर,
देने कांधा ही सही यार वो आ जाता।
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3 महीने पहले

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