दिल में लाखों अरमाँ लेके जा तो रहे परदेश वहाँ।।
हो जाएगा हाल बुरा यां संगिनी का तेरी देख यहाँ।
दस्तावेज भी रख लेना तू जिससे हो पहचान तेरी,,
कुछ तो ऐसा पास में रखना पहचाने दर-पेश वहाँ।
रोटी छोड़कर निकला है तो रोटी लेकर ही आना,,
हो ना जाना वहीं का तू आ जाना बस देख यहाँ।।
महनत की ही खाना तू बुराई से रहना कोसों दूर,
बन ना जाना देखके उन्हें तू भी इक दरवेश वहाँ।।
छोटी छोटी बातों पर मत झगड़ा करना तू सबसे,,
हर कोई होगा बेगाना वाँ ना बनना दिलफेंक वहाँ।
याद बहुत आएगी तेरी होगा नहीं जब तू पास मेरे,,
मुझको भी तू जाके भेजना अपना इक संदेश यहाँ।
मेरी इक तस्वीर जो तूने रख ली हैं ये अपने साथ,
वक़्त मिले तो आँख में रखना तन्हाई में देव वहाँ।।
-सुनील देव
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