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आपका सजदा किया।

                
                                                         
                            मैने जब भी आपका सजदा किया।।
                                                                 
                            
बस तेरी तस्वीर ने ही धोखा दिया।।
क्या करुँ अब क्या नहीं ए ज़िंदगी,,
हर कदम पर आंखों ने पर्दा किया।।
ख़्वाब की जागीर सारी तो लुट गई,,
दर्द से ही रात भर दिल लिपटा रहा।।
अब तो उम्मीदें भी दिल की सो गई,,
उलझनों में इस कदर उलझा रहा।।
क्या किया जानके मेरा हाल ए दिल,,
पूछने से दर्द ए दिल ही बढ़ता गया।।
नींद भी इन आंखों से गायब हो गई,,
पलकों नीचे दर्द का इक दरिया रहा।।
अब नहीं कुछ चाहिए तुझसे ज़िंदगी,,
तूने भी तो देव ना कुछ सदक़ा किया।।
-सुनील देव
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6 दिन पहले

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