बहुत से रंग देखे हमने तुममें
जमाने वाले,,
हम तो जिंदा हैं,
तूं कहां है मुझे अपना बताने वाले ।।
तूं पहले भी ,अपने लिए ही था,,
अपनी खुशियों के लिए,
हमको रिझाने वाले।।
वक्त के आगे , कहां छुपती है
फितरत किसकी,,
तुझे गुमां हुआ तो क्या,
मुझको फरेब दिखलाने वाले।।
हादसे कुछ ज्यादे ही होते हैं
मेरे संग,,
इसमें कुछ नया नहीं, मुझको आजमाने वाले।।
चल तुझे भी देख लिया मैने
बहुत अच्छे से,,
नजर मिला न पाएगा तूं कभी,
मुझसे दिल बहलाने वाले।।
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