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तेरा अहसास

                
                                                         
                            काश तुम रोकती मुझको
                                                                 
                            
तो मै रूक भी सकता था
थोडा और टोकती मुझको
तो और झुक भी सकता था,
कुछ ऐसे ही ख्याल चाहिए
खुद को समझाने के लिए
कुछ ऐसे ही अहसास चाहिए
खुद को बहलाने के लिए,

अब इस कमरे मे भी
और दूर तलक भी
तन्हाई है रूसवाई है
हवाओ ने दर पे दस्तक दी है
या सच मे तूं आई है,
तेरी आहट भी तो नही
अब इस घर मे
मुझसे बतलाने के लिए
कुछ ऐसे ही ख्याल चाहिए
खुद को समझाने के लिए,

तेरे लिबास की खुशबू
अब भी यहां पे रहती है
इस कमरे से उस कमरे तक
चलती फिरती रहती है,
आ तूं इसको भी ले के जा
तब ही मुझको चैन मिलेगा
कोई ना हो मेरे पास
तेरा अहसास दिलाने के लिए
कुछ ऐसे ही ख्याल चाहिए
खुद को समझाने के लिए,

बिखरा बिखरा सा है सामान पड़ा
सूना सूना सा है मकान पड़ा
अब तो गैरो ने भी
बहलाना छोड दिया
तूं गई तो सबने
रूलाना छोड दिया,
इन सब मे बसा है
तेरी ही यादो का जखीरा
बस इतना ही काफी है
मुझको मिटाने के लिए
कुछ ऐसे ही ख्याल चाहिए
खुद को समझाने के लिए,

इन टूटी फूटी दीवारो को
फिर से हाथ लगाया है
तेरे साजो सामान है बिखरे
फिर से इन्हे उठाया है
इस जगह से उस जगह तक
कहा कहा किस किस को रख्खू
एक रख्खू तो एक गिरता है
संग तेरे ये भी रहने को कहता है,
एक उम्मीद का झोका चाहिए
दिल की आग बुझाने के लिए
कुछ ऐसे ही ख्याल चाहिए
खुद को समझाने के लिए
कुछ ऐसे ही अहसास चाहिए
खुद को बहलाने के लिए,

 
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2 महीने पहले

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