मत पूछो कि क्या है ये इश्क
वर्च्अल वर्ल्ड में नेटवर्क की दरकार है इश्क
फोन पर लगे हर पासवर्ड की कंठस्थ इबारत है इश्क
गैलरी के फोल्डर में स्क्रीन शाट्स का अंबार है इश्क
डीपी को ज़ूम कर बस घड़ी भर निहारना है इश्क
लास्ट सीन चेक करके सोना और जागना है इश्क
आनलाइन होकर भी स्क्राल कर टाइमपास करना है इश्क
ब्रेकअप के बाद भी ब्लाक-अनब्लाक करना है इश्क
म्यूचुअल वाली रिक्वेस्ट के लिए अदद फ्रैंड ढूंढना है इश्क
लाइक्स की दौड़ में उसके एक लाइक का इंतज़ार है इश्क
प्रिय की टाइमलाइन पर कोई निशां छोड़े बगैर टहल कर आना है इश्क
नो नेटवर्क पर दिल से डायरैक्ट कनैक्शन का प्रयास है इश्क
-सुजाता गुप्ता
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