हम-तुम
प्रेम में अभी तक
तुम, तुम हो
और मैं, मैं हूं !
मैंने सुना है कि तुम,
जादू जानते हो !
तो कुछ ऐसा करो,
ये बीच में जो, मुझमें 'मैं ' है न,
इसे मुझसे हटाकर
यहां भी तुम हो जाओ !
और फिर बस प्रेम रहे,
बाकि सब गुम हो जाएं!
-सुजाता गुप्ता
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