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हिंदी शायरी

                
                                                         
                            काली घटा छाई रही आसमान पर,
                                                                 
                            
मगर बरसात नहीं हुई।
मैं उसे फोन मिलाता रहा,
मगर उससे मेरी बात नहीं हुई।
उसने कहा था कि सबके सो जाने के बाद कॉल करूंगी,
मुझे लगता है कि,
मेरे महबूब के शहर में आज रात नहीं हुई
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2 महीने पहले

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