ना नाप पाओगे फासले,
तुम हर मोड़ के मुकाम में खुश रहो,
सुबह की नई उम्मीद में मुस्कुराओ,
और ढलती हुई शाम में खुश रहो।
ये जो धड़कन चल रही है सीने में,
तुम इस बहती हवा के पैगाम में खुश रहो,
ख्वाहिशों के पीछे मत भागो,
जो मिला है उस अनमोल इनाम में खुश रहो।
तूफान भी थम जाएगा एक दिन,
तुम सन्नाटे के इस राग में खुश रहो,
जलना तो दस्तूर है जिंदगी का,
तुम इस जलते चिराग में खुश रहो।
दर्द भी एक खूबसूरत अहसास है,
तुम इस गहरे जज्बात में खुश रहो,
छोटी सी जिंदगी है मेरे दोस्त,
तुम बस हर हाल, हर बात में खुश रहो।
ना जिद करो पाने की,
जो मिला है उस सौगात में खुश रहो,
दिन की धूप अगर तपती है,
तो ढलती हुई रात में खुश रहो।
कोई साथ चले तो हमसफर,
ना चले तो खुद के साथ में खुश रहो,
अकेलेपन को वरदान बना लो,
तुम अपनी ही कायनात में खुश रहो।
जो बह गए वो आँसू थे,
जो रह गई उस बात में खुश रहो,
ज़िन्दगी एक खूबसूरत दुआ है,
तुम इस जज्बात में खुश रहो।
हंसते-हंसते कट जाए सफर,
बस यही एक अरमान रखो,
छोटी सी जिंदगी है मेरे दोस्त,
तुम हर हाल, हर बात में खुश रहो।
छोटी सी जिंदगी है,
हर बात में खुश रहो,
जो चेहरा पास ना हो,
उसकी आवाज में खुश रहो।
कोई रूठा हो आपसे,
उसके अंदाज में खुश रहो,
जो लौट के नहीं आने वाले,
उनकी याद में खुश रहो।
कल क्या होगा किसने जाना,
तुम आज में खुश रहो,
जो मिल गया उसी को मुकद्दर मान कर,
परवाज में खुश रहो।
ना शिकवे करो वक्त से,
ना मंजिलों की फिक्र करो,
सफर खूबसूरत है बहुत,
तुम इस आगाज में खुश रहो।
कुछ ख्वाब अधूरे छूटे तो क्या,
तुम हकीकत के साज में खुश रहो,
जो खो गया वो एक पन्ना था,
तुम जिंदगी की इस किताब में खुश रहो।
मुस्कुराहट को अपनी आदत बना लो,
हर हाल में मुस्कुराना सीखो,
छोटी सी जिंदगी है मेरे दोस्त,
तुम बस हर बात में खुश रहो।
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