मकान ऊंचे हुए और इंसान छोटे हो गए,
दिखावे की इस दुनिया में रिश्ते खोटे हो गए।
भीड़ तो बहुत है हर तरफ इस शहर में,
मगर अपनों के बीच ही लोग अकेले हो गए।
— रोहित शर्मा भारद्वाज 'नादिर'
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