वो शख़्स जो मेरी यादों में था,साथ मेरे जलकर राख हो गया
उसकी बेवफाई में जो दर्द था,उससे रूह भी मेरा खाक हो गया
उसके दिए सितम की जिकर कैसे करूं मैं ए मेरे बा ख़ुदा
मैं उससे जब जुदा हुआ तो पहले क्या था और ये क्या हो गया
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