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तुमको देखने की आदत सी लग गई है।

                
                                                         
                            तुमको देखने की, आदत सी लग गई है।
                                                                 
                            
इस दिल मे मोहोब्बत की,तलब सी हो गई है।
गली और चौराहों पर,बाग और बगीचे पर।
फूल और फुलवारी पर,नदियों के किनारे पर।
तुझे देखने को, इस दिल को आदत सी लग गई है।
इस दिल को,चैन नही आता बिना देखे तुझे।
ये मन को सुकून नही मिलता,बिना देखे तुझे।
मेरे यादो में मेरे ख्वाबो में,पल-पल समाई रहती हो।
मेरे जीवन के,हर कहानी का प्यारा सा किरदार हो।
तू हस्ती है तो, मेरा जीवन भी हस्ता है।
तेरे खुसी में मेरा,सारा जंहा बस्ता है।
लगता है ये दिल से, रूह तक का मोहोब्बत है।
लगता है दो आत्माओ का,गहरा सम्बन्ध है।
दो दिलो की एक,प्यार भरी एक मीठी आवाज है।
तू साथी है मेरा,तू ही तो मेरे दिल के पास है।
मेरे मन की मीठी,सु मधुर आवाज हो तुम।
मेरे दिल की धड़कन में,सदा निवास हो तुम।
मेरे हृदय की,प्रेम भरी सुकून हो तुम।
साथी ही नही,इस जीवन का जीवन सफर हो तुम।
दिल को धड़काने वाली,प्यार भरी स्पंदन हो तुम।
मोंगरे और गुलाब की,महकती कली हो तुम।
सरोवर में खिलती,सुबह की मस्त कवँल हो तुम।
मुझमे ही तो रहती हो,चारो पहर तुम।
मुझसे अलग नही हो,फिर भी एक तलब है तुमसे।
मुझसे दूर नही हो,फिर भी एक दूरिया है तुमसे।
मेरे दिल मे भी, कुछ हसरत है सिर्फ तुम्हारे लिए।
मेरे दिल की ये चाहत है, सिर्फ तुम्हारे लिए।
मेरे अंतर मन मे,एक सच्ची मोहोब्बत है तुम्हारे लिए।
मेरे हृदय में एक सम्मान है, तुम्हारे लिए।
तू साथी है, साथ निभाना जीवन साथी।
जीवन संघर्ष मे भी,साथ चलना जीवन साथी।
तुमको देखने की,आदत सी लग गई है।
कितना पास हो,फिर भी एक तलब सी रहती है।
मेरे ख्वाबो और ख्यालो में,समाई रहती है।
मेरे दिल की गहराई में,सुकून बन रहती है।
तेरी चन्दन सी महक,दिल मे समाई रहती है।
तेरे आँखो से बरसता प्यार,सावन सी लगती है।
तेरे ओठो की मुश्कान,खिलता कँवल लगती है।
तेरे माथो की बिंदिया, चमकती चाँद लगती है।
मेरे दिल मे रहने वाली,एक सच्ची मोहोब्बत हो तुम।
मेरे सपना सजाने वाली,हसीन ख्वाब हो तुम।
तुमको देखने की,आदत सी लग गई है।
कितना पास हो, फिर भी एक तलब सी रहती है।
तुमको देखने की, आदत सी लग गई है।
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एक घंटा पहले

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