मन के भावो से उभर कर,दिल मे तुम रहती हो।
मस्त सुहानी सपनो में,बहुत कुछ तुम कहती हो।
मेरे ख्वाबो में,एक सुंदर महकती कली हो।
मानो जैसे दिल मे,तुम सदा-सदा से रहती हो।
ये आँखो से झलकता प्यार ,तेरा मेरे दिल को छूती है।
तू मुझसे दूर कहा है साथी,मुझमे ही तो रहती है।
पराये का भेद मिटा कर,अपना सा तू लगती है।
जीवन पथ में चलने को तुम,सदा भटकती रहती है।
ओ गंगा की पवित्रता,तुझमे ही तो रहती है।
बहती नदियों की जलधारा बन,प्यार जगाती रहती है।
फूलो की वादियों से,मेरे जीवन मे महकती है।
प्यार की गुलदस्ता बन,मेरे जीवन मे रहती है।
एक सच्चा लगाव,तुमसे ही बस रहती है।
तू सागर की मोती जैसे,मेरे जीवन मे चमकती है।
बन्ध जाओ बन्धन में,प्यार सदा हम करते हैं।
ना टुटे बन्धन कभी,एसा भी तू कहती है।
मेरे सपनों में आ कर,सपना मेरा सजती है।
मेरे दिल मे सुकून सदा,ही फैलती है।
दूर रह कर भी ,प्यार का अहसास दिलाती है।
वक्त एक सा नही रहता साथी खुसिया और गम लाती है।
समझो इसको तो,सायद जीवन यही कहलाती है।
तू मुझसे दूर कहा है साथी,साथ ही तो रहती है।
पास हो तुम दूर नही हो,दिल मे ही तो रहती है।
हर हरियाली मौसम में,साथ हमेशा रहती है।
बसन्ती बरखा बन ,मेरे ही दिल मे रहती है।
वक्त की रंजिस ने हमे अलग किया,बन्ध जाओ न बन्धन में।
यही छोटी सी जिज्ञासा है, रह जाओ ना मेरे तन-मन मे।
मेरे अनन्त स्मृति के ,हर कोने में आज भी तू रहती है।
जैसे जीवन सांसे बन कर, चलती रहती है।
तू मेरे हृदय में खुसिया और,उल्लास भरती रहती है।
तू मेरा सच्चा प्रेम है साथी,मेरे पास ही रहती है।
कभी यादे बन कर,कभी स्मृति बन कर सदा ही तो रहती है।
जीवन पथ में साथ नही,फिर भी साथ चलती है।
मेरे हर दर्द को,अपना दर्द समझती है।
मेरे खुशियो में भी,मेरे साथ ही तो रहती है।
शांति और सरसता मेरे,जीवन मे भरती रहती है।
गुलाब की कलिया बन कर,मेरे दिल मे रहती है।
सावन की बहार बन कर,मेरे हृदय में रहती है।
प्यार भरी मुस्कानों से,सुकुन देती रहती है।
तू कहा अलग है साथी,मेरे स्मृतियों में सदा रहती है।
ओ बीते लम्हो की यादे बन,मेरे जीवन मे रहती है।
तेरे हर स्मृतियां,मेरे इस दिल मे रहती है।
तेरे दूरियों में भी ,मुझे प्यार नजर आता है।
मेरे दिल मे आज भी,तेरे लिए सच्ची चाहत है।
तू दूर कहा है साथी,मेरे ही पास तो रहती है।
तू दूर कहा है साथी,मेरे हृदय में ही रहती है।
तू दूर कहा है साथी,मेरे स्मृतियों में ही रहती है।
तू दूर कहा है साथी,मेरे ही दिल मे रहती है।
सच्ची मोहोब्बत है तुमसे,तभी तो दूर रह कर पास लगती है।
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