सरल हूं ,तरल हूं ,निर्मल हूं
सरलता मेरा आत्मबल है
मेरा व्यवहार मेरी गुणवत्ता है
मेरे वयवहार से मुझे मत मापना
निर्मल जल भी भीतर एक आग लिये
होता है ।
भीतर की गुणवत्ता की पहचान के
पारखी बनिये बाह्य परिचय तो परिस्तिथि
अनूरूप बदलते रहते हैं ।
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