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मन के रंग, होली के संग

                
                                                         
                            देखो रे देखो अब आया है रंगों का तूफान।
                                                                 
                            
यह है होली की मस्ती का संग्राम।।

आओ मिलकर सारे यारो,
रंग भरी इस धरती पर 'रंगों की दुनियाँ जमाओ।
नाचो रे गाओ रे रंग उड़ाओ रे,
अब आये रंगों की दुनियाँ का सद्भाव।।

इस रंगीली धरती पर,
लोग भी रंगीले होते हैं।
कुछ सीधे होते हैं,
कुछ मांग से टेढ़े होते हैं।।

रंगों की दुनियाँ में, किरदार रंगीले होते हैं।
कुछ तो पत्थर दिल होते हैं,
कुछ दिलदार होते हैं।।

कुछ अच्छे-बुरे व्यवहारों को,
छोटे-बड़े दिलदारों को।
दिलों में जमाकर अब,
इन दिलों को जीत पड़ी।।

होली के इस पैगाम पर,
रंगों के संग्राम पर।
रंग में पड़ न भंग...
इन मनौ की जीत पड़ी।।
- अभिनव अत्री 
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2 महीने पहले

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