मैं कुछ लिख पाता तो,
लिखता हूँ लेखक के किरदारो पर !—
लेखक की कलम से जो शब्द निकल जाते हैं,
वह अमरता के प्रतीक बन जाते हैं।
लेखक की लेखनी विचारों पर वार होती है,
बीते हुए पल की धार होती है।
लेखक जो, लिखता है वह बड़ा अच्छा होता है,
मानवीय तौर पर सच्चा होता है।
इस लेखक को, अच्छा मानो,
मानवता के तौर पर सच्चा मानो।
लेखक का लिखने का अहसास,
बड़ा दर्द भरा सा होता है!
या यूँ कहो लेखक का लिखने का मंजर,
विचारों के सागर में बहता समंदर होता है।।
लेखक की कलम से निकले विचारों को,
मैं क्या खूब अनुभव कर पाता हूँ।
जब मैं, उनके लेखन को पढ़कर,
खुद में महसूस कर पाता हूँ।।
लिखना लेखक का सपना होता है,
लेखनी उसकी धार होती है।
जो इस धार की धारण कर जाते हैं,
वह कामयाब लेखक बन जाते हैं।।
--- अभिनव अत्री
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