राहें कब तक बंद रहेंगी, खोलोगे तो खुल जाएंगी।
कोशिश और हिम्मत के आगे, सारी मुश्किल टल जाएंगी।
जीवन के हर पग पग पर बस यहीं एक सच्चाई मिलेगी।
झुकना गर सीखा है तुमने तो तुमको भी ऊंचाई मिलेगी।
क्या देखोगे आंखों से दुनिया सारी दिखावा है
पल पल में मिलता धोखा यहां पर कोई न पछतावा है।
तुम भी गर इसको सच समझे तो तुमको भी रुसवाई मिलेगी।
जीवन के हर पग पग पर बस यहीं एक सच्चाई मिलेगी।
झुकना गर सीखा है तुमने तो तुमको भी ऊंचाई मिलेगी।
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