दोस्त जगत के फसाने हैं,जो जान से ज्यादा प्यारे हैं।
सुख दुख के साथी होते हैं,जो फूलों से ज्यादा न्यारे हैं।
सागर की लहरें बन करके, तिनकों को पकड़ने आते हैं।
भावों का जगत बनाकरके,सुख दुख का सार सजाते हैं।
दोस्त वो मोती होते हैं, जो सच्चाई के धागे में
पिरोए जाते हैं।
गलत भाव में बैठें हम,वो हमको समझाने आते हैं।
"ये ख़ुदा एक ख्वाहिश मेरी भी है, कि मेरे किस्मत
की हजार खुशियां मेरे दोस्त के नाम कर देना।
और कोई ग़म उनको न मिले ,अगर जरूरत पड़े तो मेरे शरीर का एक एक कतरा मेरे दोस्त के नाम कर देना।"
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