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अपना प्यारा तिरंगा

                
                                                         
                            हम रहें न रहें इस जहां में मगर,
                                                                 
                            
मेरे प्यारे वतन तू हमेशा रहे।
ये तिरंगा सदा लहराता रहे
जब तलक ये जहां तू हमेशा रहे।
हम रहें न रहें ...................

तू अमर गाथाओं सा अमरता बने,
तू हिमालय के जैसा ऊंचा रहे ।
चांद तारों के जैसा चमकता रहे,
तू फूलों के जैसा महकता रहे ।

तू शहीदों की विधवाओं का आंचल बने,
जो जिंदगी को सजाता हमेशा रहे।
हम रहें न रहें .........................

मिलती शक्ति हमें तेरे रंगों से,
मन को उज्जवल करें मौलिक कर्तव्यों से।
हुए स्वतंत्र हम संघ के प्रयासों से,
मिले सब कुछ हमें मूल अधिकारों से ।

तू अमिट था, अमिट है,अमिट ही रहे,
भ्रष्ट लहरों से टकराता हमेशा रहे।
हम रहें न रहें .......................
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2 महीने पहले

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