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खुद से मेरी उम्मीदें

                
                                                         
                            खुद से मेरी उम्मीदें...
                                                                 
                            
खुद से मेरी उम्मीदें—
एक बड़ा घर, गाड़ी, सम्मान,
अच्छे रिश्ते, धन,
ब्रांडेड कपड़े और बहुत सारा ज्ञान।
फिर निकल पड़ते हैं
उन्हें पाने की राह पर।
उम्मीदें पूरी न हों तो
खुद से ही निराशा होती है,
और मन में उठता है एक सवाल—
"क्या ये सब मेरे लिए ही है?"
अगर यह खुद से प्यार है,
तो कैसा है यह इकरार,
जिसमें खुद को ही न समझा,
और स्वार्थ को ही कह दिया प्यार।
प्यार-प्यार कहते-कहते
खुद को ही लूट लिया,
अगर तुम ही खुश नहीं,
तो इन उम्मीदों का क्या?
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2 महीने पहले

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