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74वाँ गणतंत्र दिवस

                
                                                         
                            सबके लिए खास,
                                                                 
                            
सबके ऊपर विश्वास,
विश्व गुरु बने फिर भारत,
हर भरतीय से यही आस ।

मेड इन इंडिया,
मेक इन इंडिया,
भारत की पहचान,
ऐसी झांकी हिन्दुस्तान।

अब्दुल फतेह अल सी सी अतिथि,
मिस्र सेना प्रदर्शन की देखी खास स्थिति,
प्रथम बार भारत105mmराइफल गन से,
21तोपों की दी सलामी, विशेष बनी स्थिति।

नारी शौर्य ने, नारी आत्मनिर्भर बना दी,
लक्ष्मी बाई- सी,शक्ति संपन्न नारी बना दी,
नारी सशक्तिकरण का विश्व को दिया संदेश,
महिला शक्ति, शक्ति पीठ, जग को दिखला दी।

असम ने माँ कामाख्या स्वरूप रचाया,
हरियाणा ने गीता ज्ञान फिर से सुनाया,
लद्दाख ने भी कण- कण में देवत्व दिखलाया,
केरल ने नारी शक्ति का कीर्तिमान दोहराया।

फिर से बने नशा -मुक्त भारत हमारा,
यही स्वप्न, लक्ष्य, धेय हो फिर हमारा,
यह संदेश लोकनृत्य, झांकियों ने दिखाया,
फिर एक भारत, श्रेष्ठ भारत बने देश हमारा।

जय- हिंद, जय -भारत खतरों का करें शमन,
DRDO, BSF, या CRPF करें शत्रु दमन,
वयम् रक्षाम:, गलवान के बलवान बने सैनिक,
ऐसे देश के वीर पहरेदारों को शत- शत नमन।

कोहरे की चादर ओढ़े आज कर्तव्य पथ,
अग्नि वीरों का आज बना प्रथम सत्य पथ,
वीरता-विश्वास, क्विक रियेक्शन ये करते,
सर्वदा, सर्वप्रथम, बना यही इनका कर्तव्य पथ।

- रेखा मल्हान 'कृष्णा'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 वर्ष पहले

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