मेरा मंजिल की तरफ जाना इत्तेफाक न था
जाम ओ महफ़िल को ठुकराना इत्तेफाक न था
इल्ज़ाम ए बेवफाई साकी का सहकर भी
सरेराह कांटों पे चलना महज़ इत्तेफ़ाक न था
एक अर्सा लगा है इस मरहले को सुलझाने
छालों पर मरहम ना लगाना इत्तेफ़ाक न था
आरजूओं तमन्नाओं का दौर गैर लाज़मी है अब
इरादों का इस कदर सख़्त होना इत्तेफ़ाक न था
'रवि' आंधी तूफ़ान फितरतें मूंह मोड़ चुकी तुझसे
तेरा संग से सख्त हो जाना इत्तेफाक न था
-कवि 'रवि'
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