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उसी सजा के साए में यह पल-पल मरता है

                
                                                         
                            गलती मेरी थी, खता मेरी थी,
                                                                 
                            
यह दिल आज इस बात को स्वीकार करता है।
दी है जो तुमने खामोशी की सजा मुझे,
उसी सजा के साए में यह पल-पल मरता है।
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3 महीने पहले

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