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यूँ ही तराशा नहीं जाता

                
                                                         
                            कुछ रिश्ते धड़कनों की ज़ुबान समझते हैं,
                                                                 
                            
हर एहसास को लफ़्ज़ों में सँवारा नहीं जाता।

जो किरदार वक़्त की आँधियों में भी अडिग रहें,
उन्हें हर अफ़वाह से हारा नहीं जाता।

मोती बनने की ख़्वाहिश हो तो दर्द भी सहना होगा,
हर सीप को समंदर से लाया नहीं जाता।

वफ़ा की राह में अक्सर ख़ामोशियाँ बोलती हैं,
हर सवाल का जवाब पुकारा नहीं जाता।

जो आँखें सच की रोशनी से भर जाती हैं,
उन्हें झूठ का काजल लगाया नहीं जाता।

कुछ लोग मुकद्दर में इबादत की तरह उतरते हैं,
हर चेहरे को दिल में उतारा नहीं जाता।

याद रखना, कीमत हमेशा सोने की नहीं होती,
हर पत्थर को यूँ ही तराशा नहीं जाता।

जो अपने ज़मीर के सामने सिर ऊँचा रख सकें,
वही असल मायनों में फ़ख़्र से जी सकें।
-रतन कुमार कैथवास
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3 महीने पहले

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