देश की व्यवस्था का इस समय जो हाल है,
सरकार बस मालामाल है,
और प्रशासन-शासन बेहाल है।
पुलिस की इंटरनेशनल हो रही है बेइज़्ज़ती,
पर BJP वालों को नहीं होनी चाहिए
किसी भी प्रकार की क्षति।
हो रही है भिड़ंत जनता और सरकार में,
तुम टेंशन मत लो मुंबई वालों,
चाय पियो… हम तो तुम्हारे यार हैं!
इंडिया की बॉर्डर हो गई है आउट ऑफ बॉर्डर,
बस अंदर है BJP,
और बाहर है जनता की लॉन्ड्री!
बस हाल न पूछो, कैसा मेरा हाल है,
मैं तो बची हुई हूँ,
क्योंकि BJP वालों से मेरी कम पहचान है!
देश का हाल पूछोगे तो जवाब यही है—
व्यवस्था सवालों में,
जनता बेहाल,
और सत्ता अपने ही कमाल में!
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