सुना सोभिन माय - बहिन रंजीत के राय ,
झारखंडेक भाषा - संस्कृति राखिहा जोगाय ।
पढ़- लिख के बइन जिहा कतनों महान ,
तावो ना भुलिहा गो माय माटीक मान
कभी ना करिहा माय माटीक अपमान
झारखंडेक राखिहा तोंय मान ।
सुनी लिहा गो सोभिन रंजीत के पुकार ,
भुली ना जिहा झारखंडेक पोरब - त्योहार
सुना सोभिन माय - बहिन रंजीत के राय
झारखंडेक भाषा - संस्कृति राखिहा जोगाय ।।
- रंजीत कुमार महतो "गम्हरा"
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