इश्क़ जब परवान होता है,
हर शख़्स मुखबिर ज़माने का लगे।
जी चाहे कि कोई दूसरा पास न हो,
धड़कनों की सदा भी पराई लगे।
यह ख़ास, सबका प्यारा एहसास,
जज़बातों के परों पर उड़ानें भरे।
न पहरे हों, न कोई बुरी नज़र हो,
इस ख़ूबसूरत सफ़र पर बस साथ चलें।
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