प्रथम गुरु माँ कहलाती,
जिसने हमें जन्म दिया।
द्वितीय गुरु धरती माँ है
जिसने पाल पोष कर बड़ा किया।
तृतीय गुरु पिता है,
जिसने ऊँगली पकड़ कर,
पैरो पर हमें खड़ा किया।
चतुर्थ गुरु शिक्षक है,
जिसने हमें ज्ञान दिया।
पंचम गुरु सभी संत है
जिन्होंने सांसारिक ज्ञान दिया।।
-आर के रस्तोगी
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X