आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

यह दुनिया पाना चाहती है एक झलक

                
                                                         
                            जो अपना तनिक विश्वास घटने नहीं देते और मन में मंजिल पाने की बनाए रखते हैं ललक,
                                                                 
                            
जो अपनी नज़रें रखते हैं बराबर मंजिल की ओर और पल भर के लिए झपकने नहीं देते पलक,
सचमुच ऐसे वीर ऐसे सुरमा जो खुद ही बनाते हैं अपना रास्ता और तय करते हैं अपनी मंजिल भी,
उन वीरों उन सूरमाओं का सदा से ही होकर बेताब यह दुनिया पाना चाहती है एक झलक|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर