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था शिव का अनन्य भक्त लंकापति रावण

                
                                                         
                            बेशक बहुत विद्वान अत्यधिक शक्तिशाली और था शिव का अनन्य भक्त लंकापति रावण,
                                                                 
                            
फिर भी होते हुए प्रभु राम से हार और अपने लंका की अपने आंखों से देखी दुर्गति रावण,
किंतु ऐसा नहीं होता यदि रावण किसी काम को करने हेतु सिर्फ अपनी सुनने के बजाय,
अपनी पत्नी मंदोदरी, भाई विभीषण और कुंभकरण की भी यदि ले लेता तनिक सहमति रावण|
-मनस्व
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एक महीने पहले

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