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सभी है उन्ही भोलेनाथ के अंग अभिन्न

                
                                                         
                            हो चाहे देवता मनुष्य पशु पक्षी लिए अपना रूप रंग भिन्न-भिन्न,
                                                                 
                            
या हो अतृप्त आत्माएं जैसे राक्षस भूत पिचाश बैताल और जिन्न,
सचमुच ना सिर्फ सभी का जीवन चल रहा है महादेव की कृपा से,
बल्कि सभी हैं उन्ही पूरी सृष्टि के कर्ताधर्ता भोलेनाथ के अंग अभिन्न|
-मनस्व
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3 महीने पहले

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