एक बिल्कुल नन्हा सा दीपक जब खुद को धीरे-धीरे जलाता है,
तब ना सिर्फ खुद मुस्कुराता है बल्कि औरों के चेहरे पर भी खुशी भी लाता है,
बल्कि साथ ही चारों ओर छाये हुए घनघोर भयानक अंधेरे को ,
अपने से दूर भगाकर चारों दिशाओं में रोशनी को भी दूर-दूर फैलाता है|
-मनस्व
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