सचमुच जो ये अपने होते हैं एक हफ्ते के सात दिन,
जिनमें एक दूसरे के पीछे सदा लगे रहते हैं रात दिन,
रात जहां सूर्य ढलते ही लहराता है अंधेरे का परचम,
वही सूर्य निकलते ही रात को दे देता है मात के दिन|
-मनस्व
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