जहां यह समझना जरूरी है कि जनता के मौलिक जरूरतो की कैसे हो इच्छा पूर्ति जी,
और कैसे हो दवाई खाने पीने का सामान का ठीक-ठाक जनता में आपूर्ति जी,
इन सब चीजों के बारे में उचित विचार करने की बजाय देश के बिल्कुल ही भ्रष्ट नेताजी,
देश के सबसे उच्च पदों पर बैठकर उच्च पदों का केवल कर रहे हैं खानापूर्ति जी|
-मनस्व
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