आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

नेताजी बाकायदा करते हैं चिंतन मनन

                
                                                         
                            कहां कैसे हो रहा है भ्रष्टाचार कैसे हो रहा है घोटाला कैसे हो रहा है अवैध खनन,
                                                                 
                            
क्यों जनता है भूखी प्यासी क्यों है पीड़ित और क्यों हो रहा जनता के अधिकारों का हनन,
इन सब जरूरी मुद्दों की अनदेखी करने वाले नेताजी यदि चुनाव में हार जाते हैं तो,
दल के सभी नेताओं की बैठक बुलाकर अपनी हार पर बाकायदा करते हैं चिंतन मनन|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर