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मानवता की तो छोड़ो खुद से ही किसी को सच्चा प्यार नहीं है

                
                                                         
                            सचमुच सब है बिल्कुल साधारण से यहां कोई अवतार नहीं है,
                                                                 
                            
मानवता की तो छोड़ो खुद से ही किसी को सच्चा प्यार नहीं है,
सच्चे दिल से बनने को यदि चाहे तो सब बन सकते हैं बुद्ध,
किंतु यदि जो न बनना चाहे तो समझो अभी वो इसके लिए तैयार नहीं|
-मनस्व
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2 घंटे पहले

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