आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

माफ कर देता है छोटे से छोटे और बड़े से बड़े अपराध को

                
                                                         
                            भले ईश्वर का नियम हो कर्मानुसार भेजने का आधे को स्वर्ग और नर्क में आधेआध को,
                                                                 
                            
किंतु सुनो ईश्वर का नित्य भजन करने वाले और ईश्वर को साधने वाले साधकों,
ये अपना ईश्वर जो परम दयालु और परम करुणामयी है
माफ कर देता है उसकी,
शरण में जाने वाले प्रत्येक भक्त के किए गए छोटे से छोटे और बड़े से बड़े अपराध को|
-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर