भले ईश्वर का नियम हो कर्मानुसार भेजने का आधे को स्वर्ग और नर्क में आधेआध को,
किंतु सुनो ईश्वर का नित्य भजन करने वाले और ईश्वर को साधने वाले साधकों,
ये अपना ईश्वर जो परम दयालु और परम करुणामयी है
माफ कर देता है उसकी,
शरण में जाने वाले प्रत्येक भक्त के किए गए छोटे से छोटे और बड़े से बड़े अपराध को|
-मनस्व
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