अपराधी खुलेआम कर रहा हो जुर्म खुलेआम कर रहा हो नाइंसाफी,
और बावजूद बिना गलती के भी जुर्म सहने वाला बार-बार मांग रहा हो माफी,
ऐसे मुजरिम पकड़े जाने पर सजा से बचने के लिए करें यदि क्षमा याचना,
तो भला तुम ही सोचो क्या उनकी यह क्षमा याचना उन्हें बचाने के लिए होगी काफी?
--मनस्व
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