आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

कन्हैया बंसी बजाते मिलेंगे पनघट पर

                
                                                         
                            जहां एक ओर हिमालय पर शिव है तो वहीं प्रभु श्री राम है सरयू नदी के तट पर,
                                                                 
                            
जहां एक ओर योगेश्वर कृष्ण है युद्ध के मैदान में तो वही कन्हैया बंसी बजाते मिलेंगे पनघट पर,
प्रभु का सच्चा भक्त किसी भी स्थिति में रहे यदि सच्चे हृदय से पुकारे तो प्रभु सुनते हैं जरूर,
सचमुच प्रभु की नजर तो रहती है अपने भक्तों के साथ हरदम प्रभु की बनाई सृष्टि की घट घट पर|

-मनस्व
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
56 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर